सोशल मीडिया पर सेक्सटॉर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस को करनी होगी कार्रवाई जनहित याचिका पर उच्चन्यायालय ने लिया संज्ञान

हरिद्वार जनपद के एक अधिवक्ता आलोक वर्मा ने उच्चन्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की जिसमें बताया गया कि सोशल मीडिया फेसबुक टि्वटर इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी अकाउंट बनाकर जनता के सेक्स फिशिंग की जाती है एवम सेक्स प्रलोभन के बाद वायरल करने धमकी दे कर ठगी व उगाही की जाती है । पीड़ित व्यक्ति जब पुलिस के पास मुकदमा लिखवाने जाता है तो पुलिस प्रथम दृष्टया उस का मुकदमा लिखने को तैयार नहीं होते जिससे सोशल मीडिया पर साइबर क्राइम करने वालों के हौसले बुलंद होते हैं साथ ही ठगे जाने वाले व्यक्ति का मानसिक उत्पीड़न होता है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए पुलिस और  Facebook को नोटिस जारी किया है। जिसमें बताया गया है कि इस तरीके के क्राइम पर पुलिस को संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज करना ही होगा फेसबुक को सुरक्षा के और इंतजाम करने होंगे। हरिद्वार न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने आलोक वर्मा को ऐसी जनहित याचिका के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी है उन्होंने कहा कि समाज हित में दायर की जाने वाली जनहित याचिकाओं से अधिवक्ताओं की छवि समाज में स्वच्छ होती है। अधिवक्ताओं को अपने विद्वत्ता का प्रयोग करते हुए समाज हित में ऐसे कार्य करते रहना चाहिए। 

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