रंगाई पुताई में करोड़ो के वारे न्यारे तो वैरागियों के साथ ये भेदभाव क्यूँ ?

कुंभ मेला अपने पूरे परवान पर चढ़ जाने एवं उसको 2 माह से भी ज्यादा बीत जाने के बाद भी और अब तक बहुत बार मेलाधिकारी दीपक रावत एवं अपर मेलाधिकारी को बार-बार अवगत कराने के बावजूद बैरागी कैम्प स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार का पुनरुद्धार ना होना जबकि शहर भर में कई करोड़ के पुताई एवं रंगाई के ठेके शहर में आवंटित किए गए हैं ।

जगह जगह पर विभिन्न प्रकार के कलाकृतियां पेंटिंग्स उकेरी गई हैं ऐसे में बैरागी पंथ के पूजनीय जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार का जीर्णोद्धार ना होना किसी ना किसी पूर्वाग्रह एवम क्षुद्र राजनीति से प्रेरित नजर आ रहा है जिसको लेकर बैरागी संतों ने प्रखर होकर आवाज बुलंद की है और केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया है ।

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