पहले बनाई और फिर तोड़ी पैसा किसका लगा ठेकेदार का या सरकार का

“आपने आम जनता के बीच सम्पति कब्जाने के मामले कई बार देखें होंगे लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे आप हैरत में पड़ जाएंगे,आपको बतादे हरिद्वार सिंचाई विभाग ने लघु सिंचाई विभाग पर ही भूमि कब्जाने का आरोप लगा दिया है,यू तो पहले से ही धर्मनगरी हरिद्वार के सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर कई बार सवालिया निशान खड़े हुये है

हरिद्वार के ग्रामीण छेत्र एक्कड़ में हरिद्वार सिंचाई विभाग ने लघु सिंचाई विभाग पर जबरन भूमि कब्जा कर गुल बनाये जाने का आरोप लगाया,साथ ही विभाग ने बाकायदा एक नोटिस देकर इस बाबत जवाब भी मांगा है “हैरत की बात ये भी है बिना सिचाई विभाग के noc लिये व मानकों को भी ताक पर रख कर कार्य कराया जा रहा था
लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी से सवाल पूछे जाने पर इस मामले का सारा ठीकरा ग्राम प्रधान और ठेकेदार पर ही फोड़ दिया,लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार भास्कर का कहना है ग्राम प्रधान के कहने पर ही निर्माण कार्य करवाया गया था लेकिन सिचाई विभाग की आपत्ति के बाद कार्य रोक दिया गया है जिस पर ठेकेदार को गुल तोड़ने के आदेश भी दे दिये है
इससे एक बात तो साफ हो जाती है उत्तराखंड में सरकारी विभागों की लचरता से आखिरकार पिसती तो आम जनता है इस मामले में पहले अवैध रूप से गुल बनाई जाती है फिर तोड़ी जाती है,तो सवाल उठता है आखिरकार गुल बनाने में और तोड़ने में बजट की जिम्मेदारी किसकी होगी

SHARE ON:

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: