राशन वितरण में गडबडी पर की एसडीएम से की शिकायत, किया लाइसेंस निरस्त


लक्सर।
सिकंदरपुर गांव के ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को शिकायत पत्र देकर गांव के राशन डीलर पर राशन वितरण में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया तथा उसके खिलाफ हंगामा प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया। एसडीएम ने ग्रामीणों को उक्त मामले की जांच कराने के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
खानपुर ब्लक के सिकंदरपुर गांव निवासी प्रदीप कुमार, जितेंद्र कुमार, मुकेश कुमार, विकास कुमार, रवि कुमार, विक्रम सिंह, मांगेराम, सेठपाल व राजेश सहित दर्जनों लोग सोमवार दोपहर में तहसील मुख्यालय पहुंचे और गांव के राशन डीलर के खिलाफ हंगामा, प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में उन्होने एसडीएम वैभव गुप्ता से मिलकर राशन डीलर के खिलाफ शिकायती पत्र दिया। ग्रामीणों ने कहा कि डीलर राशन वितरण में मनमानी कर रहा है। महीने में दो या तीन दिन ही वह अपनी दुकान खोलकर राशन बांटता है। इससे अधिकांश परिवार राशन लेने से वंचित रह जाते है।
ग्रामीणों ने कहा कि बहुत से परिवारों को कई, कई महीनों से राशन नही दिया गया है। निशुल्क वितरण के लिए आने वाले राशन को भी बांटने के बजाय बाजार में बेचा जा रहा है। उन्होने आरोप लगाया कि यदि कोई राशन न देने की बात कहता है तो डीलर उसके साथ गाली—गलौच व मारपीट करता है। शिकायतकर्ता ने एसडीएम से डीलर की दुकान का लायसेंस निरस्त करने की मांग की। एसडीएम ने ग्रामीणों को उक्त मामले की जांच कराने के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

एसडीएम की संस्तुति पर  डीएम ने किया राशन डीलर का लाईसेंस निरस्त
लक्सर।
सैदाबाद के डीलर ने राशन के स्टाक, उपभोग व वितरण रजिस्टर में पंचायत सचिव की फर्जी मोहर लगाकर खुद ही साइन कर दिए। शिकायत के बाद मामला सामने आने पर प्रशासन ने जांच की तो मोहर तथा साइन फर्जी पाए गए। एसडीएम की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने डीलर का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। दुकान अस्थाई रूप से कान्हावाली के डीलर से संबद्ध की गई है।
सैदाबाद नेतवाला ग्रामसभा की प्रशासनिक समिति द्वारा गांव के राशन डीलर पर उपभोक्ताआें से अभद्रता, व राशन वितरण में गड$बड$ी के अलावा ग्राम पंचायत सचिव के फर्जी हस्ताक्षर करने की शिकायत एसडीएम से की गई थी। समिति ने दुकान का लायसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव भी पारित किया था। मामला सामने आने पर एसडीएम ने डीलर को नोटिस देकर उसका पक्ष जाना। डीलर ने पंचायत सचिव की मोहर व हस्ताक्षर सही होने की बात कही। इसके बाद अगली सुनवाई पर डीलर के साथ ही तत्कालीन पंचायत सचिव रविंद्र कुमार को भी बुलवाया गया। पंचायत सचिव ने डीलर के राशन वितरण, उपभोग व स्टक रजिस्टर में लगी मोहर व हस्ताक्षर का फर्जी बताया।
एसडीएम द्वारा बीडीआे से जांच कराई गई तो डीलर के दस्तावेजों में लगी पंचायत सचिव की मोहर व साइन दोनो फर्जी पाए गए। यह भी पता चला कि राशन डीलर का लायसेंस इससे पहले भी निलंबित हुआ है। इसके बाद एसडीएम ने जांच रिपोर्ट हरिद्वार जिलाधिकारी को भेजी थी। इसके आधार पर जिलाधिकारी ने डीलर विनोद का लायसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश दिए है। बताया गया है कि सैदाबाद की दुकान फिलहाल अस्थायी रूप से कान्हावाली गांव के डीलर राजेंद्र सिंह की दुकान से अटैच की गई है।

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